Dalip Shree Shyam Comp Tech. 9811480287
 
top
Facebook Twitter google+ Whatsapp

भक्ति संग्रह


Ganesh Chaturthi Pooja Vidhi | Ganesh Chaturthi Date Vrat Hindi

13 सितम्बर गणेश चतुर्थी 2018

भारत में कुछ त्यौहार धार्मिक पहचान के साथ-साथ क्षेत्र विशेष की संस्कृति के परिचायक भी हैं। इन त्यौहारों में किसी न किसी रूप में प्रत्य

।। शीतला माता की लोक कथा।।

किसी गांव में एक औरत रहती थी। वह बासौड़े के दिन शीतला माता की पूजा करती और ठंडी रोटी खाती थी। उसके गांव में और कोई शीतला मां का पूजन नहीं करता था। एक दिन उस गांव में आग लग गई। जिसमें उस

।। शीतला अष्टमी ।। (बासोड़ा)

यह व्रत चैत्र कृष्ण अष्टमी या चैत्र मास के प्रथम पक्ष में होली के बाद में पड़ने वाले पहले शनिवार या वीरवार (गुरूवार) को किया जाता है। इस व्रत के प्रभाव से व्रत करने वाले के घर में (कुल

।। होलिकोत्सव-धुलैण्डी-छारंडी।।

होलिका दहन के दूसरे दिन चैत्र कृष्णा की प्रतिपदा को भक्तों ने प्रहलाद की रक्षा का प्रत्यक्ष अनुभव कर बड़ा उत्सव मनाया। अबीर गुलाल उड़ाया तथा एक-दूसरे से मिलकर उत्सव का अभूतपूर्व प्

।। होलिका उत्सव ।।

फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका उत्सव मनाया जाता है। भविष्य पुराण में युधिष्ठिर जी के प्रश्न पर श्री कृष्ण ने रघु के प्रति जो वचन हैं उनको सुनाया है। वशिष्ठ जी बोले-हे राजन फाल्ग

।। शिवरात्रि की महिमा ।।

प्राचीन काल में एक भील अपने परिवार के साथ रहता था। उसका नाम गुरूदु्रह था। उसका कर्म-चोरी एवं वन में पशुओं का वध करना था। इसी प्रकार कर्म में लीन रहते एक बार शिवरात्रि का पर्व आया। उस दिन उस पाप

।। महाशिवरात्रि व्रत ।।

यह व्रत फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन होता है। शिवरात्रि का अर्थ वह रात्रि है, जिसका शिव तत्व के साथ घनिष्ठ संबंध है। भगवान् शिव जी की अतिशय प्रिय रात्रि को शिव रात्रि कहते

।। माघी पूर्णिमा ।।

माघ शुक्ला पूर्णिमा को प्रयाग राज में एक मास का कल्पवास पूर्ण होता है। जो एक मास गंगा स्नान न कर सके, तो पूर्णिमा को ही सूर्योदय से पूर्व स्नान करें। तिल कल्बल आदि का दान करें तो महत

।। भीष्माष्टमी ।।

भीष्माष्टमी माघ मास की शुक्लाष्टमी को मनाया जाता है। इस तिथि को भीष्म जी का तर्पण एवं श्राद्ध करें। मद्रास तमिलनाडु में पुत्र प्राप्ति के लिये श्राद्ध तर्पण करते हैं। उनके मन की

।। रथ सप्तमी ।। (पुत्र सप्तमी)

माघ शुक्ला सप्तमी को पाप का निवारण तथ पुत्र प्राप्ति के लिये रथ सप्तमी का व्रत करना चाहिए। तालाब, नदी या तीर्थ में जाकर ईख के डण्डे से जल को हिलाकर मस्तक पर पांच पत्ते आक के तथा पांच

bottom